✦ वैदिक कैलेंडर · 2026 ✦
हिंदू त्योहार और मुहूर्त 2026
बेंगलुरु (IST) के अनुसार त्योहारों, एकादशी और सामान्य मुहूर्त अवधियों की जानकारी.
विक्रम संवत 2082–2083
त्योहार और पवित्र दिन — 2026
तारीख़ें बेंगलुरु (IST) के लिए त्योहार की तिथि के अनुसार निकाली गई हैं. जब कोई तिथि दो तारीख़ों में फैले, तो स्थानीय पंचांग या मंदिर एक दिन पहले या बाद में पर्व मना सकते हैं.
जन.
मकर संक्रांति
सूर्य का मकर में प्रवेश. फसल का त्योहार, तिल के लड्डू, पतंगबाज़ी और पवित्र स्नान.
वसंत पंचमी
सरस्वती पूजा: ज्ञान, संगीत और कलाओं की उपासना. पढ़ाई शुरू करने के लिए आम तौर पर चुना जाने वाला दिन.
फ़र.
महाशिवरात्रि
शिव की महा रात्रि, जिसे रात भर जागरण, उपवास, पूजा और अभिषेक के साथ मनाया जाता है.
मार्च
होली
रंगों का त्योहार जो वसंत के आगमन का संकेत है. होलिका दहन एक शाम पहले होता है.
उगादी
(तेलुगु और कन्नड़ नववर्ष)आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक का वैदिक नववर्ष. नई शुरुआत, और जीवन के संतुलन का प्रतीक नीम-गुड़ का मिश्रण.
राम नवमी
भगवान राम के जन्म का उत्सव. व्रत, रामायण पाठ और मंदिरों में शोभायात्राएं.
अप्रैल
हनुमान जयंती
भगवान हनुमान का जन्मदिन. हनुमान चालीसा पाठ, सिंदूर चढ़ाना और सामुदायिक सेवा.
अक्षय तृतीया
परंपरा मानती है कि आज जो शुरू होता है उसका फल टिकाऊ होता है. नए काम, सोना खरीदने और विवाह के लिए आम तौर पर चुना जाता है.
मई
बुद्ध पूर्णिमा
गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान-प्राप्ति और परिनिर्वाण. ध्यान, मंदिर दर्शन और दान के साथ मनाई जाती है.
जुला.
गुरु पूर्णिमा
गुरु परंपरा और महर्षि व्यास के प्रति श्रद्धा. सभी शिक्षकों — आध्यात्मिक और सांसारिक — के प्रति आभार का दिन.
अग.
हरियाली तीज
सावन का हरा त्योहार. महिलाएं झूला झूलती हैं, हरे कपड़े पहनती हैं और सुहाग के लिए व्रत रखती हैं.
ओणम
राजा महाबली की वापसी का केरल का फसल उत्सव. फूलों की रंगोली (पूकलम) और सद्या भोज.
रक्षा बंधन
बहनों द्वारा भाइयों को बांधा जाने वाला रक्षा का पवित्र धागा. श्रावण पूर्णिमा पर मनाया जाता है.
सित.
जन्माष्टमी
आधी रात कृष्ण का जन्म. दही हांडी, भजन और शुभ घड़ी तक व्रत.
गणेश चतुर्थी
गणेश जी के जन्म का दस दिन का उत्सव. मूर्ति स्थापना, मोदक का भोग और सामुदायिक पंडाल.
अक्टू.
शारदीय नवरात्रि
(शुरू)देवी पूजा की नौ रातें. हर दिन शक्ति के एक अलग रूप का सम्मान. गुजरात में गरबा और डांडिया.
दशहरा
(विजयादशमी)रावण पर राम की विजय, बुराई पर अच्छाई की जीत. दक्षिण भारत में सरस्वती पूजा. नया काम शुरू करने के लिए आम तौर पर चुना जाने वाला दिन.
नव.
दिवाली
रोशनी का त्योहार: लक्ष्मी पूजा, दीपक और राम की अयोध्या वापसी. पूरे भारत में व्यापक रूप से मनाया जाता है.
गोवर्धन पूजा
कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाना. प्रभु को कई तरह के पकवानों का अन्नकूट भोग.
भाई दूज
बहनें भाइयों की लंबी उम्र के लिए आरती करती हैं. यम द्वितीया के समान — प्रेम का रक्षा-बंधन.
कार्तिक पूर्णिमा
देव दिवाली — देवताओं की दिवाली. पवित्र स्नान, नदी किनारे दीपदान और तुलसी विवाह.
दिस.
गीता जयंती
(मोक्षदा और वैकुंठ एकादशी)इसी दिन कृष्ण ने भगवद्गीता का उपदेश दिया था. पाठ, प्रवचन और व्रत इस दिन की पहचान हैं.
एकादशी कैलेंडर 2026
24 तारीख़ें सूचीबद्धएकादशी (चंद्र की 11वीं तिथि) महीने में दो बार आती है, शुक्ल (बढ़ते) और कृष्ण (घटते) पक्ष में. परंपरा मानती है कि एकादशी का व्रत और विष्णु की पूजा जमा हुए पापों को हटाती है और मुक्ति की ओर ले जाती है. 2026 में 20 दिसंबर की मोक्षदा एकादशी को वैष्णव परंपरा में वैकुंठ एकादशी और गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. तारीख़ें सूर्योदय के समय की एकादशी (बेंगलुरु) के हिसाब से हैं; वैष्णव मंदिर कभी-कभी अगले दिन मनाते हैं.
14 जन.
षट्तिला एकादशी
कृष्ण पक्ष
29 जन.
जया एकादशी
शुक्ल पक्ष
13 फ़र.
विजया एकादशी
कृष्ण पक्ष
27 फ़र.
आमलकी एकादशी
शुक्ल पक्ष
15 मार्च
पापमोचनी
कृष्ण पक्ष
29 मार्च
कामदा एकादशी
शुक्ल पक्ष
13 अप्रैल
वरूथिनी
कृष्ण पक्ष
27 अप्रैल
मोहिनी एकादशी
शुक्ल पक्ष
13 मई
अपरा एकादशी
कृष्ण पक्ष
27 मई
पद्मिनी एकादशी
शुक्ल पक्ष
11 जून
परमा एकादशी
कृष्ण पक्ष
25 जून
निर्जला एकादशी
शुक्ल पक्ष
10 जुला.
योगिनी एकादशी
कृष्ण पक्ष
25 जुला.
देवशयनी
शुक्ल पक्ष
9 अग.
कामिका एकादशी
कृष्ण पक्ष
23 अग.
पुत्रदा (श्रावण)
शुक्ल पक्ष
7 सित.
अजा एकादशी
कृष्ण पक्ष
22 सित.
परिवर्तिनी एकादशी
शुक्ल पक्ष
6 अक्टू.
इंदिरा एकादशी
कृष्ण पक्ष
22 अक्टू.
पापांकुशा
शुक्ल पक्ष
5 नव.
रमा एकादशी
कृष्ण पक्ष
21 नव.
देवउठनी
शुक्ल पक्ष
4 दिस.
उत्पन्ना एकादशी
कृष्ण पक्ष
20 दिस.
मोक्षदा एकादशी ✦
शुक्ल पक्ष
मुहूर्त — शुभ क्षण चुनना
नीचे दिए गए समय केवल शुरुआती पारंपरिक छंटाई हैं, अंतिम मुहूर्त नहीं. किसी खास कार्यक्रम की तारीख़ तय करते समय उस स्थान की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और लग्न के साथ संबंधित लोगों की कुंडलियां भी देखी जाती हैं.
विवाह मुहूर्त
विवाह
विवाह मुहूर्त में कार्यक्रम का लग्न, चंद्र नक्षत्र और पंचांग के दूसरे अंग देखे जाते हैं. परिवार की परंपरा और दोनों जन्म कुंडलियां भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं. परंपरा में खरमास, अधिक मास, चातुर्मास और गुरु या शुक्र के अस्त रहने पर विवाह नहीं किए जाते. नीचे दी गई अवधियां केवल तारीख़ें छांटने में मदद करती हैं, अंतिम विवाह तिथि नहीं हैं.
✦ विचार करने योग्य सामान्य अवधि
- ✓फ़र. 17 – मार्च 14
शुक्र अस्त से बाहर है; मीन खरमास 15 मार्च से शुरू
- ✓अप्रैल 15 – मई 16
मीन खरमास के बाद, अधिक मास (17 मई से) से पहले
- ✓जून 15 – जुला. 14
अधिक मास के बाद, गुरु के अस्त होने (15 जुलाई से) से पहले
- ✓नव. 22 – दिस. 15
प्रबोधिनी एकादशी पर चातुर्मास खत्म होने के बाद, धनु खरमास (16 दिसंबर से) से पहले
✕ परंपरा में टाले जाने वाले समय
- — 1 जनवरी – 16 फ़रवरी (शुक्र अस्त; धनु खरमास 14 जनवरी तक)
- — 15 मार्च – 14 अप्रैल (मीन खरमास)
- — 17 मई – 14 जून (अधिक ज्येष्ठ, यानी अतिरिक्त महीना)
- — 15 जुलाई – 21 नवंबर (गुरु अस्त 12 अगस्त तक, फिर चातुर्मास; पितृ पक्ष 26 सितंबर – 10 अक्टूबर)
- — 16 दिसंबर से (धनु खरमास)
गृह प्रवेश
गृह प्रवेश
गृह प्रवेश मुहूर्त में शुभ लग्न, बढ़ता चंद्रमा और घर का वास्तु देखा जाता है. परंपरा में उत्तरायण को बेहतर माना जाता है और घर के मालिक के जन्म नक्षत्र वाले दिन से आमतौर पर बचा जाता है.
✦ विचार करने योग्य सामान्य अवधि
- ✓फ़र. 17 – मार्च 14
उत्तरायण, न खरमास न अस्त
- ✓अप्रैल 15 – मई 16
उत्तरायण, मीन खरमास के बाद
- ✓जून 15 – जुला. 14
उत्तरायण, गुरु के अस्त होने से पहले
- ✓नव. 22 – दिस. 15
चातुर्मास के बाद, धनु खरमास से पहले
✕ परंपरा में टाले जाने वाले समय
- — खरमास (1 – 14 जनवरी, 15 मार्च – 14 अप्रैल, 16 दिसंबर से)
- — अधिक ज्येष्ठ (17 मई – 14 जून)
- — चातुर्मास (25 जुलाई – 21 नवंबर)
- — अमावस्या और अष्टमी तिथियां
व्यापार आरंभ
बिज़नेस / नया उद्यम
व्यवसाय शुरू करने के मुहूर्त में कार्यक्रम की कुंडली, खासकर बुध, गुरु, लग्न और काम व लाभ से जुड़े भाव देखे जाते हैं. अक्षय तृतीया और विजयादशमी परंपरा से लोकप्रिय हैं, फिर भी स्थानीय पंचांग देखना ज़रूरी है.
✦ विचार करने योग्य सामान्य अवधि
- ✓अप्रैल 19
अक्षय तृतीया, नए काम शुरू करने का पारंपरिक दिन
- ✓अक्टू. 20
दशहरा / विजयादशमी, कुछ नया शुरू करने का पारंपरिक दिन
- ✓नव. 24
कार्तिक पूर्णिमा, लक्ष्मी से जुड़ी
✕ परंपरा में टाले जाने वाले समय
- — बुध वक्री के समय
- — सूर्य/चंद्र ग्रहण के पखवाड़े
- — मालिक के अपने अशुभ समय (निजी कुंडली ज़रूरी)
विद्यारंभम
विद्यारंभ
विद्यारंभ बच्चे की औपचारिक पढ़ाई की शुरुआत है. कई परिवार वसंत पंचमी या विजयादशमी चुनते हैं और अपने क्षेत्र की परंपरा व पंचांग भी देखते हैं.
✦ विचार करने योग्य सामान्य अवधि
- ✓जन. 23
वसंत पंचमी, इसके लिए आम तौर पर चुना जाने वाला दिन
- ✓अप्रैल 14
विषु और तमिल नव वर्ष (पुथांडु)
- ✓अक्टू. 20
विजयादशमी, पढ़ाई शुरू करने का पारंपरिक दिन
✕ परंपरा में टाले जाने वाले समय
- — जन्म-कुंडली के बुध पर राहु और केतु के गोचर के समय
- — अष्टमी, नवमी तिथियां (शुभ शुरुआत के लिए आम तौर पर टाली जाती हैं)
नामकरण
नामकरण संस्कार
नामकरण परंपरा से जन्म के 11वें या 12वें दिन किया जाता है. चंद्रमा का नक्षत्र और लग्न देखे जाते हैं, और नाम का पहला अक्षर आमतौर पर बच्चे के जन्म नक्षत्र के चरण से मिलाया जाता है.
✦ विचार करने योग्य सामान्य अवधि
- ✓कोई भी शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
जन्म के 11वें या 12वें दिन को प्राथमिकता
- ✓रविवार, सोमवार, गुरुवार, शुक्रवार
शुभ वार
✕ परंपरा में टाले जाने वाले समय
- — कृष्ण पक्ष की अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी
- — राहु काल और गुलिका काल
यात्रा मुहूर्त
शुभ यात्रा
यात्रा मुहूर्त में दिशा, वार और चंद्रमा का नक्षत्र देखे जाते हैं. परंपरा में रविवार और सोमवार को पूर्व दिशा अच्छी मानी जाती है, मंगलवार को दक्षिण से बचा जाता है, और राहु काल में प्रस्थान आमतौर पर टाला जाता है.
✦ विचार करने योग्य सामान्य अवधि
- ✓रविवार / सोमवार / गुरुवार
यात्रा के लिए सबसे अनुकूल वार
- ✓पुष्य, रोहिणी, रेवती, अश्विनी नक्षत्र
यात्राओं के लिए बेहद शुभ
✕ परंपरा में टाले जाने वाले समय
- — राहु काल
- — दक्षिण की ओर यात्रा के लिए मंगलवार
- — भद्रा काल (विष्टि करण)
✦ निजी मुहूर्त चयन
किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तारीख़ देख रहे हैं?
सामान्य अवधियां बस शुरुआत हैं. निजी मुहूर्त में संबंधित व्यक्ति या परिवार की कुंडली, चल रही दशा और उस दिन का गोचर भी देखा जाता है. मुफ़्त मुहूर्त खोजक से शुरुआत करना अच्छा रहेगा.